लाॅकडाउन में खेती-किसानी के लिए बड़ी राहत

वर्ष 2020 किसानों के लिए परेशानी भरा रहा है। फरवरी के अंत और मार्च की शुरुआत में बारिश और लगातार ओलावृष्टि ने किसानों की फसल को बर्बाद कर दिया था। कुछ फसल को किसानों ने पर्याप्त देखभाल कर बचाया, तो फसल कटने या बाजार में बेचने से पहले ही देश में कोरोना वायरस ने दस्तक दे दी। कोरोना के मामले जैसे ही बढ़ने लगे, तो 22 अप्रैल से देश में लाॅकडाउन की घोषणा कर दी। 22 अप्रैल से लेकर 14 अप्रैल तक पहला लाॅकडाउन चला। इस दौरान आपातकाल के अलावा सभी सेवाओं को बंद कर दिया गया है। कृषि क्षेत्र भी पूरी तरह बंद था। 

कृषि क्षेत्र बंद होने के कारण या लाॅकडाउन के चलते न तो लेबर उपलब्ध हो पा रही थी और न ही पर्याप्त संसाधन। ऐसे में किसानों के सामने तैयार खड़ी रबी की फसल को काटने की समस्या खड़ी हो गई। सबसे ज्यादा समस्या उत्तर प्रदेश, हरियाणा जैसे इलाकों में है, जहां कोरोना काफी तेजी से फैल रहा है। किसानों पर दोहरी मार पड़नी तब शुरू हुई जब फसल खराब होनी शुरू हो गई। कई जगहों पर प्याज सड़ने लगे। खेतों में तैयार गेहूं की फसल पक कर खुद गिरने लगी। फलों और फूलों की खेती बुरी तरह से प्रभावित हुई। सिंचाई का कार्य भी ठप्प होने से कई स्थानों पर फसलें सूख गईं। मांस का व्यापार पूरी तरह से बंद था और न ही इसकी बाजार में मांग थी। इससे मछली पालन का काम पूरी तरह बंद हुआ। यातायात बंद होने के कारण मवेशियों के लिए चारे की समस्या खड़ी हो गई। जिससे दूध उत्पादन पर भी काफी असर पड़ा। ऐसे में किसानों के सामने तक रोजी-रोटी और आर्थिक बोझ बढ़ने का संकट गहराने लगा था। लेकिन लाॅकडाउन 2, जो कि 14 अप्रैल से शुरू हुआ है और 3 मई चलेगा। इसमें 20 अप्रैल के बाद से किसानी से जुड़े कार्यों में छूट दी जाएगी। केंद्र सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन के अनुसार इस दौरान निम्नलिखित कार्यों में छूट दी जाएगी –

  • जो एजेंसियां खेती से जुड़े प्रोडक्ट, एमएसपी को लेकर काम कर रही हैं वह चालू रहेंगी।
  • केंद्र सरकार, राज्य सरकार या APMC के अंतर्गत आने वाली सभी मंडी खुली रहेंगी।
  • खेती में काम आने वाली मशीनों की दुकानें, स्पेयर पार्ट्स की दुकान खुली रहेंगी।
  • फर्टिलाइजर-बीज की दुकानें, प्रोडक्शन और सप्लाई जारी रहेगी।
  • फसल कटाई से जुड़ी मशीनों को एक राज्य से दूसरे राज्य में जाने की इजाजत।
  • मछली पालन से जुड़ी चेन, सेल, मार्केटिंग, हार्वेस्टिंग की सुविधा जारी रहेंगी।
  • मछली के प्रोडक्ट्स की सप्लाई भी जारी रहेगी।
  • मछली पालन से जुड़े मजदूरों को आने-जाने दिया जाएगा।
  • चाय-कॉफी-रबर का प्लांटेशन जारी रहेगा, लेकिन 50 फीसदी तक ही कर्मचारियों को ही इजाजत।
  • चाय-कॉफी-रबर की सप्लाई, सेल को मंजूरी।
  • दूध की सप्लाई, डिस्ट्रिब्यूशन को मंजूरी, मिल्क प्लांट सप्लाई कर सकेंगे।
  • मुर्गी पालन को मंजूरी।
  • गौशाला की सुविधा जारी रहेगी।

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